{"product_id":"2940046384260","title":"ivana turganeva ki mahana kathayem","description":"\u003cp\u003eतुर्गनेव को रूस के महानतम लेखकों में गिना जाता है। वो एक उपन्यासकार, लघु कथा लेखक होने के साथ ही एक उच्च श्रेणी के नाटककार भी थे। उनकी प्रथम प्रकाशित पुस्तक का शीर्षक था \"ए स्पोर्ट्समैंस स्केचेस\" जो की १८५२ में प्रकाशित हुई थी। रूसी यथार्थवाद की क्ष्रेणी में इस पुस्तक को मील का पत्थर माना जाता है।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eउनके लिखे \"फादर्स ऐंड सन्स\" को १९वीं शताब्दी के महानतम साहित्यिक उपलब्धियों में गिना जाता है।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eउनके पिताजी, सर्गेई निकोलाविच तुर्गनेव रूस की फ़ौज में कर्नल थे। उनको बहुत सी स्त्रियों से सम्बंध बनाने की आदत थी। इवान तुर्गनेव की माताजी, वर्वारा पेट्रोवना लुटोविनोवा एक धनी उत्तराधिकारिणी थी। माताजी का बाल्यकाल कठिनाई में व्यतीत हुआ था और विवाह में भी उन्होने बहुत दुख भोगे थे।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eजब इवान १६ बरस के थे उनके पिता का निधन हो गया। उनकी मान उनको और उनके भाई निकोलस के साथ बहुत बुरा व्यवहार करती थी। इवान का बायकाल अकेले ही व्यतीत हुआ था क्योंकि उनको हमेशा ही अपनी माताजी का दर रहता था। वो उनको प्रायः पीटा करती थी।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eएक सभ्य महानुभाव के पुत्र होने के नाते उनकी स्कूल की शिक्षा अच्छी तरह पूरी हुई और फिर इवान ने एक बरस मॉस्को विश्वविद्यालय में अध्ययन किया और फिर सैंट पीटर्ज़्बर्ग विश्वविद्यालय में १८३४ से १८३७ तक पढ़ाई की। उनका मुख्य ध्यान उच्च साहित्य, रूसी साहित्य, और फीलोलोज़ी पर केन्द्रित था।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eइवान तुर्गनेव की महान कथायें\u003cbr\u003eCopyright\u003cbr\u003eइवान तुर्गनेव के बारे में\u003cbr\u003eस्वाभिमान का मालिक\u003cbr\u003eदेने वाला\u003cbr\u003eआंसू की दो बूंदें\u003cbr\u003eप्रेम\u003c\/p\u003e","brand":"Raja Sharma","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47148690309360,"sku":"2940046384260","price":1.99,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0737\/7593\/9824\/files\/2940046384260_p0.jpg?v=1763691373","url":"https:\/\/shop-qa.barnesandnoble.com\/products\/2940046384260","provider":"Barnes \u0026 Noble (DEV)","version":"1.0","type":"link"}