{"product_id":"2940046440232","title":"mahana lekhaka srankhala 19: jorja barnarda so","description":"\u003cp\u003eआइरलैंड के महान नाटककर और लेखक जॉर्ज बर्नार्ड शॉ का जन्म २६ जुलाइ १८५६ को डब्लिन की साईंन स्ट्रीट में हुआ था। वो 'द लंडन स्कूल ऑफ एकनॉमिक्स' के सह-संस्थापक भी थे।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eहालांकि पेशागत रूप में उनको संगीत और साहित्यिक समीक्षा और समालोचना से बहुत आर्थिक फाईदा होता था, और उन्होने बहुत से शानदार लेख पत्रकारिता में भी लिखे, परंतु उनकी प्रतिभा का लोहा दुनिया ने उनके द्वारा लिखे हुए नाटकों से माना। अपने जीवनकाल में उन्होने ६० से अधिक नाटक लिखे।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eबर्नार्ड शॉ एक बहुत प्रतिभाशाली निबंधकार, उपन्यासकार, और कथा लेखक भी थे। उनकी अधिकांशतः रचनाओं में वो सामाजिक समस्यायों को मधुर व्यंग के साथ प्रस्तुत करते थे। गंभीर मामलों को भी वो अपने लिखने की शैली से बहुत ही रोचक बना देते थे। उन्होने शिक्षा, विवाह, धर्म, सरकार, स्वास्थ्य, और सामाजिक वर्गों के बारे में बहुत विस्तार से लिखा।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eमहान लेखक श्रंखला 19: जॉर्ज बर्नार्ड शॉ\u003cbr\u003eCopyright\u003cbr\u003eपरिचय\u003cbr\u003eशिक्षा और प्रारम्भिक लेखन जीवन\u003cbr\u003eबर्नार्ड शॉ का निजी जीवन और समाज में योगदान\u003cbr\u003eजीवन के अंतिम दिन और मृत्यु\u003cbr\u003eलेखन जीवन और समालोचक के रूप में\u003cbr\u003eबर्नार्ड शॉ के उपन्यास\u003cbr\u003eशॉ की लघु कथायें\u003cbr\u003eबर्नार्ड शॉ के नाटक\u003cbr\u003eबर्नार्ड शॉ का मित्रों के साथ पत्राचार\u003cbr\u003eसम्मान और पुरस्कार\u003cbr\u003eसाम्यवाद पर शॉ के विचार\u003cbr\u003eधर्म के बारे में शॉ के विचार\u003cbr\u003eमृत्यु के बाद\u003cbr\u003eबर्नार्ड शॉ की प्रमुख रचनायें\u003c\/p\u003e","brand":"Raja Sharma","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47083515904240,"sku":"2940046440232","price":1.99,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0737\/7593\/9824\/files\/2940046440232_p0.jpg?v=1763693116","url":"https:\/\/shop-qa.barnesandnoble.com\/products\/2940046440232","provider":"Barnes \u0026 Noble (DEV)","version":"1.0","type":"link"}