{"product_id":"9781329909281","title":"Aankh Ki Kirkiri","description":"\u003cp\u003eविनोद की माँ हरिमती महेंद्र की माँ राजलक्ष्मी के पास जा कर धरना देने लगी। दोनों एक ही गाँव की थीं, छुटपन में साथ खेली थीं।\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e \u003cp\u003eराजलक्ष्मी महेंद्र के पीछे पड़ गईं - 'बेटा महेंद्र, इस गरीब की बिटिया का उद्धार करना पड़ेगा। सुना है, लड़की बड़ी सुंदर है, फिर पढ़ी-लिखी भी है। उसकी रुचियाँ भी तुम लोगों जैसी हैं।\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e \u003cp\u003eमहेंद्र बोला - 'आजकल के तो सभी लड़के मुझ जैसे ही होते हैं।'\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e \u003cp\u003eराजलक्ष्मी- 'तुझसे शादी की बात करना ही मुश्किल है।'\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e \u003cp\u003eमहेंद्र - 'माँ, इसे छोड़ कर दुनिया में क्या और कोई बात नहीं है?'\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e \u003cp\u003eमहेंद्र के पिता उसके बचपन में ही चल बसे थे। माँ से महेंद्र का बर्ताव साधारण लोगों जैसा न था। उम्र लगभग बाईस की हुई, एम.ए. पास करके डॉक्टरी पढ़ना शुरू किया है, मगर माँ से उसकी रोज-रोज की जिद का अंत नहीं। कंगारू के बच्चे की तरह माता के गर्भ से बाहर आ कर भी उसके बाहरी थैली में टँगे रहने की उसे आदत हो गई है। माँ के बिना आहार-विहार, आराम-विराम कुछ भी नहीं हो पाता।\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e \u003cp\u003eअबकी बार जब माँ विनोदिनी के लिए बुरी तरह उसके पीछे पड़ गई तो महेंद्र बोला, 'अच्छा, एक बार लड़की को देख लेने दो!'\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e \u003cp\u003eलड़की देखने जाने का दिन आया तो कहा, 'देखने से क्या होगा? शादी तो मैं तुम्हारी खुशी के लिए कर रहा हूँ। फिर मेरे अच्छा-बुरा देखने का कोई अर्थ नहीं है।'\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e \u003cp\u003eमहेंद्र के कहने में पर्याप्त गुस्सा था, मगर माँ ने सोचा, 'शुभ-दृष्टि' के समय जब मेरी पसंद और उसकी पसंद एक हो जाएगी, तो उसका स्वर भी नर्म हो जाएगा।\u003c\/p\u003e","brand":"Sai ePublications","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47137188249840,"sku":"9781329909281","price":2.99,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0737\/7593\/9824\/files\/9781329909281_p0.jpg?v=1765233172","url":"https:\/\/shop-qa.barnesandnoble.com\/products\/9781329909281","provider":"Barnes \u0026 Noble (DEV)","version":"1.0","type":"link"}