Raja Sharma
mahana lekhaka srankhala 19: jorja barnarda so
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आइरलैंड के महान नाटककर और लेखक जॉर्ज बर्नार्ड शॉ का जन्म २६ जुलाइ १८५६ को डब्लिन की साईंन स्ट्रीट में हुआ था। वो 'द लंडन स्कूल ऑफ एकनॉमिक्स' के सह-संस्थापक भी थे।
हालांकि पेशागत रूप में उनको संगीत और साहित्यिक समीक्षा और समालोचना से बहुत आर्थिक फाईदा होता था, और उन्होने बहुत से शानदार लेख पत्रकारिता में भी लिखे, परंतु उनकी प्रतिभा का लोहा दुनिया ने उनके द्वारा लिखे हुए नाटकों से माना। अपने जीवनकाल में उन्होने ६० से अधिक नाटक लिखे।
बर्नार्ड शॉ एक बहुत प्रतिभाशाली निबंधकार, उपन्यासकार, और कथा लेखक भी थे। उनकी अधिकांशतः रचनाओं में वो सामाजिक समस्यायों को मधुर व्यंग के साथ प्रस्तुत करते थे। गंभीर मामलों को भी वो अपने लिखने की शैली से बहुत ही रोचक बना देते थे। उन्होने शिक्षा, विवाह, धर्म, सरकार, स्वास्थ्य, और सामाजिक वर्गों के बारे में बहुत विस्तार से लिखा।
महान लेखक श्रंखला 19: जॉर्ज बर्नार्ड शॉ
Copyright
परिचय
शिक्षा और प्रारम्भिक लेखन जीवन
बर्नार्ड शॉ का निजी जीवन और समाज में योगदान
जीवन के अंतिम दिन और मृत्यु
लेखन जीवन और समालोचक के रूप में
बर्नार्ड शॉ के उपन्यास
शॉ की लघु कथायें
बर्नार्ड शॉ के नाटक
बर्नार्ड शॉ का मित्रों के साथ पत्राचार
सम्मान और पुरस्कार
साम्यवाद पर शॉ के विचार
धर्म के बारे में शॉ के विचार
मृत्यु के बाद
बर्नार्ड शॉ की प्रमुख रचनायें
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